मन अशांत रहता है, overthinking से कैसे बचे? The mind remains disturbed, how to avoid overthinking?

Pujya Maharaj Ji gave the solution

SPRITUALITY

Dheeraj Kanojia

9/10/20233 min read

मन अशांत रहता है, overthinking से कैसे बचे?

प्रश्न

महाराज जी आपके चरणों में कोटि कोटि नमन, महाराज जी भूतकाल तथा भविष्यकाल के विचारों के चिंतन से मतलब ओवर थिंकिंग से मन में अशांति सी बनी रहती है। यू ट्यूब के माध्यम से विगत कई महीनों से आपका सत्संग सुन रहा हूँ। और श्रीराधा नाम का जप कर रहा हूँ, जिससे मन शांत होता है, पर वह स्थाई नहीं रहता। कृपया मार्गदर्शन करे.

पूज्य महाराज जी का उत्तर

भगवान के नाम से परमश्रद्धा अवस्था प्राप्त होती है, सारे पातक नष्ट होते है. प्रभु के नाम श्यामा जू का नाम लाली जू का नाम. अब हम नाम को अपने हृदय में इस भाव से ले कि हमारा वर्तमान का श्वास व्यर्थ न जाने पाए, तो आप भूत और भविष्य के चिंतन पर शासन कर लेंगे।

भूत माने बीता हुआ समय, जो बीत गया है, हमसे जो गलती हुई है जो अच्छाई हुई है उसे छोड़ो

आगे क्या होगा, उसको छोड़ो।

बीच में अभी जो हमारा वर्तमान समय यह जो सेकेंड चल रहा है. इसे पावन कर लो तो भूत और भविष्य दोनो मंगल में हो जायेंगे।

राधा राधा बोलो अगर मन पीछे का चिंतन कर रहा है काटिये उसे. विवेक के द्वारा काटिये.

क्या होगा पीछे जो गलती की उसमे समय गया और उसके चिंतन में हमारा ये समय नष्ट करो आप.

पीछे जो अच्छा हो गया भगवान की लीला से हो गया अब हम उसका चिंतन करके अहंकार करे, वर्तमान के समय को नष्ट करें।

नहीं काट दो, आगे क्या वही होगा। जैसे तुम्हारे पूर्व कर्म है.

मन को डाटो तुम्हारे पूर्व कर्म है भगवान जो करेंगे मंगल करेंगे। राधा राधा राधा, न हमें आगे की चिंता न पीछे की चिंता, अब जैसे हम कोई कार्य कर रहे हैं। प्रमाद नहीं करना.

भरसक प्रयास करके कुछ उस कार्य को सफल करना है पर चिंता नहीं करना

लाभ हो या हानि। जय हो या पराजय हम कर्तव्य से मुख नहीं मोड़ेंगे पर फल की स्थिति में हम दुखी भी नहीं होंगे हम हार जाते हैं हमें फल नहीं मिलता है तो कोई न कोई भगवान का विधान है हम दुबारा प्रयास करते हैं मानव जीवन है हम निराश नहीं होंगे तो हम आगे की चिंता नहीं करते।

पीछे का जो हो गया है उसके लिए चिंता नहीं.

भगवान के वचन याद करो अब कोई बात नहीं वर्तमान में। न आचरण में गलती होनी चाहिए। न कर्तव्य में प्रमाद होना चाहिए। न नाम जप छूटना चाहिए। फिर आप त्रिलोक पर विजय प्राप्त कर लेंगे। स्थूल सूक्ष्म कारण भूत भविष्य वर्तमान सब मंगल हो जाएगा। क्यों चिंता करते हो?

भगवान कह रहे, अप्राप्य की प्राप्ति करा दूंगा। प्राप्ति की रक्षा मैं करूँगा। तो चिंता क्यों करता है, अब इससे ज्यादा भरोसा कौन देता है.

कोई बड़ा पदाधिकारी आपसे हाथ मिलाता है और कहता है, जाओ मैं देख लूँगा, तो आप फूले फूले घूमेंगे? चाहे जिंदगी में वो कभी फोन नहीं उठावे.

लेकिन मेरे भगवान कह रहे है, जो अनंत शक्तियों के स्वामी हैं,

चिंता मत कर। तुझे जो प्राप्त करना है, मैं कराऊंगा। क्योंकि सब उनके हाथ में है और जो प्राप्त है उसकी रक्षा मैं करूंगा। स्वयं मैं वहन करूंगा.

तुम बस केवल वर्तमान में चिंतन करो, शाम तक भजन होगा कि नहीं, मुझे इसकी परवाह नहीं, पर अभी वाला मिनट हम खाली नहीं जाने देंगे। तो पूरा जीवन भजन में हो जाएगा। हम हर मिनट को, हर सेकेंड को, वर्तमान को संभाले। तो हमारा भविष्य मंगल में होगा और भूत जो हमें परेशान करने के लिए भूत जैसा लगेगा कर्म, वो भगवान नष्ट कर देंगे।

आनंदित रहो। वर्तमान में हम क्या अविश्वास में घाटा उठा लेते है? अविश्वास में हम जलते हैं, अगर हमारा दृढ़ विश्वास हो जाए।

1 भरोसो, 1 बल, 1 आस विश्वास तो देखो। कैसे प्रभु संभालेंगे. सच्ची माने हर मिनट उनका दुलार प्यार। ऐसे अनंत माताओं जैसा। इसलिए इसलिए कहता हूँ की भविष्य की चिंता मत करो।

भूत को तो भगवान के चरणों में समर्पित कर दो और नाम वर्तमान में लो। अच्छे आचरण करो, सदैव सुखी रहोगे, यह हमारी बात नहीं है।

भगवान के सब प्रिय हैं. पर हम लोग अहंकार, अविश्वास ऐसे कुछ दोषों से युक्त हो गए जिससे हम अपने प्रियतम को पहचान नहीं पाते। उनके विधान में राजी नहीं हो पाते, समझ रहे।

आप वर्तमान को संभाले। उनके बल से वर्तमान में अच्छे आचरण हो। नाम जप हो, बस चिंता मत करो। भूत और भविष्य को वो संभाल लेंगे। हमारा कल्याण कैसे होगा, इसकी चिंता न करो।

The mind remains disturbed, how to avoid overthinking?

Pujya Maharaj Ji gave the solution

Question

I bow down to you Maharaj Ji, Maharaj Ji, thinking about the thoughts of past and future means over-thinking creates unrest in the mind. I have been listening to your satsang through YouTube for the last several months. And I am chanting the name Shri radha, which calms the mind, but it does not remain permanent. Please guide.

Respected Maharaj Ji's answer

In the name of God one attains the state of supreme faith and all sinful reactions are destroyed. Lord's name, Shyama Ju's name, Lali Ju's name. Now if we take the Naam in our heart with such a feeling that our present breath does not go waste, then you will rule over the thoughts of past and future.

Bhutkal means the past time, that which has passed, leave behind whatever mistake or good thing we have done.

Leave aside what happens next.

In between, our present time, this second is going on. If you purify it then both past and future will be auspicious.

Say Radha Radha, if your mind is thinking about the past, cut it off. Cut with discretion.

What will happen later? You waste our time in thinking about the mistake that was made.

Whatever good happened in the past happened because of God's play, now we should think about it and become egoistic, destroy the present time.

No, cut it, what will happen next? Like your past deeds.

Rebuke your mind, it is your past karma, whatever God does will do good. Radha Radha Radha, we neither worry about the future nor worry about the back, now it is as if we are doing some work. Don't be careless.

Try your best to make something successful but don't worry.

Be it profit or loss. Be it victory or defeat, we will not turn away from duty, but we will not be sad in case of results, if we lose, if we do not get the results, then there is some or the other God's law, we try again, this is human life, we will not get disappointed. We don't worry about the future.

Don't worry about what happened in the past.

Remember God's words, no matter what happens in the present. There should be no mistake in conduct. Nor should there be negligence in duty. Neither should one stop chanting the name. Then you will conquer the three worlds. Due to gross and subtle reasons, past, present and future everything will become auspicious. Why do you worry?

God is saying, I will make you achieve the unattainable. I will protect the attainment. So why worry, who gives more confidence than this?

When some senior official shakes hands with you and says, "Go, I will take a look", then you will walk around feeling proud? Even if he never picks up the phone in his life.

But my Lord is saying, who is the master of infinite powers,

Don't worry. Whatever you want to achieve, I will get it done. Because everything is in their hands and I will protect whatever I have got. I will bear it myself.

You just think about the present, I don't care whether there will be a bhajan till evening or not, but we will not let this minute go waste. Then the whole life will be in bhajan. Let us cherish every minute, every second, the present. So our future will be in Mars and the ghosts which appear like ghosts to trouble us, will be destroyed by God.

Be happy. At present do we suffer losses in disbelief? We burn in disbelief, if we have strong faith.

Look at 1 trust, 1 strength, 1 hope. How will the Lord handle it? His true love and affection every minute. Like infinite mothers. That's why I say don't worry about the future.

Surrender the past at the feet of God and take name in the present. Behave well, you will always be happy, this is not our thing.

Everyone is dear to God. But we have become infected with ego, mistrust etc. due to which we are not able to recognize our loved ones. Unable to agree to their rules, please understand.

You handle the present. With their strength you should have good conduct in the present. Chant the name, just don't worry. He will handle the past and future. Don't worry about how our welfare will be.