क्यों हमें परिवारवालो की वजह से टेंशन होता है? Why do we get tension because of family members?

कैसे इस टेंशन को ख़त्म करे ? How to end this tension?

SPRITUALITY

Dheeraj Kanojia

7/23/20231 min read

वृन्दावन के राधा केलि कुञ्ज के महाराज जी कहते है कि भगवान् ने हमे ये जीवन भगवत प्राप्ति के लिए दिया है. लेकिन परिवारवालों के प्रति मोह हमें भजन करने नहीं देता। महाराज जी कहते है, भगवान् ने जो भूमिका आपको अपने परिवार वालो के प्रति निभाने के लिए दी है, उसे अच्छे से निभाओ। आपको एक बेहतर कलाकार की तरह अपना रोल अच्छे से निभाना है. महाराज जी के शब्दों में कहे तो हमें अपनी भूमिका का स्वांग करना है. लेकिन हमे किसी के साथ आसक्ति नहीं रखनी. हमें भगवान् से सिर्फ आसक्ति होनी चाहिए.

हमें सदस्यों की भलाई के लिए कड़े होने का नाटक करना है, जैसे घर के बच्चो को समझाने के लिए थोड़ा कड़ा होना पड़े तो हो जाए. लेकिन किसी सदस्य के प्रति मन में घृणा या गुस्सा नहीं होना चाहिए.

मगर हम अपने परिजनों के प्रति आसक्त हो जाते हैं. ये भाव खत्म करे. हमें सिर्फ भगवान से आसक्त होना चाहिए . महाराज जी कहते है, हमे अपने परिवार जनो को सेवा भाव से देखना चाहिए. जैसे अगर आप अपने माता पिता की सेवा करते हैं, लेकिन इसके बावजूद वे आपकी बात नहीं मानते या कई बार आपके बारे में बुरा भी बोलते है तो आपको उनके प्रति अपनी सेवा नहीं छोड़नी। हमें उन के प्रति सेवा का भाव रखना चाहिए. आपका मंगल होगा. भगवन आप से खुश रहेंगे. आपके साथ कभी कोई अहित नहीं होगा. आपको जीवन में तरक्की मिलेगी.

महाराज जी कहते है नाम जप नहीं छोड़ना। खूब धन धरम करम द्वारा कमाओ, उस धन से परिवार सेवा, संत सेवा, कमजोर असहाय की मदद करो. अगर मनुष्य चाहे तो वे अपने घर को मंदिर बना सकता है. आरती कीर्तन करो, माँ बाप की सेवा करो.

महाराज जी के महत्वपूर्ण वीडियो यू टूब चैनल भजन मार्ग. हित राधा कृपा, वृंदा रास महिमा, साधना पथ पर देखे.

Maharaj ji of Radha Keli Kunj of Vrindavan says that God has given us this life to attain God. But attachment towards family members does not allow us to do bhajan. Maharaj ji says, whatever role God has given you to play towards your family members, play it well. You have to play your role well like a better artist. In the words of Maharaj ji, we have to pretend our role with our mother, father, husband, wife, son and daughter etc. But we should not have attac2hment with anyone. We should have only attachment to God.

We have to pretend to be strict for the welfare of the members, as if we have to be a little strict to explain to the children of the house, then so be it. But there should not be hatred or anger in the mind towards any member.

But we get attached to our relatives. End this sentiment. We should be attached only to God. Maharaj ji says, we should look after our family members with a sense of service. For example, if you serve your parents, but still they do not listen to you or sometimes speak bad about you, then you should not give up your service towards them. We should have a sense of service towards them. You will be blessed. God will be pleased with you. No harm will ever happen to you. You will get progress in life.

Maharaj ji says don't stop chanting the name. Earn a lot of money by doing Dharma Karam, with that money do family service, saint service, help the weak and helpless. If a man wants, he can make his house a temple. Do aarti kirtan, serve your parents.

You can watch important videos of Maharaj ji on YouTube channel Bhajan Marg. Hit Radha Kripa, Vrinda Ras Mahima and Sadhana Path.